जैसे कुछ हिंदू धर्म के लोग रमजान के बारे में नहीं जानते वैसे ही कुछ मुसलमान धर्म के लोग नवरात्रों के बारे में नहीं जानते। इसलिए आज हम आपको बताएंगे नवरात्रि क्या है। नवरात्रि के इन पावन दिनों में ज्यादातर लोग व्रत यानी उपवास रख मां अम्बे की अराधना करते हैं। नवरात्रि हिंदू धर्म का पर्व है नवरात्रि शब्द संस्कृति शब्द है जिसका अर्थ है नौ राते। नवरात्रि वर्ष में चार बार आते हैं। जिन्हे पौष, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास भी कहा जाता हैं। लेकिन इनमें से चैत्र और आश्विन माह के नवरात्रों को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है साथ ही पौष और आषाढ माह के नवरात्रि गुप्त नवरात्रि कहलाते हैं। इन 9 दिनों में लहसुन, प्याज, मांसाहार और किसी व्यक्ति का झूठा भोजन नहीं खाया जाता।
क्या आप जानते है कि नवरात्रि में जिन देवी की पूजा की जाती है वह नौ देवियाँ ये है
शैलपुत्री – अर्थ- पहाड़ों की पुत्री होता है।

ब्रह्मचारिणी – अर्थ- ब्रह्मचारीणी।

चंद्रघंटा – अर्थ- चाँद की तरह चमकने वाली।

कूष्माण्डा – अर्थ- पूरा जगत उनके पैर में है।

स्कंदमाता – अर्थ- कार्तिक स्वामी की माता।

कात्यायनी – अर्थ- कात्यायन आश्रम में जन्मि।

कालरात्रि – अर्थ- काल का नाश करने वली।

महागौरी – अर्थ- सफेद रंग वाली मां।

सिद्धिदात्री – अर्थ- सर्व सिद्धि देने वाली।

नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों – महालक्ष्मी, महासरस्वती या सरस्वती और महाकाली के नौ स्वरुपों की पूजा होती है। जिनके नाम और स्थान क्रमशः इस प्रकार है नंदा देवी योगमाया(विंध्यवासिनी शक्तिपीठ), रक्तदंतिका(सथूर),शाकम्भरी(सहारनपुर शक्तिपीठ), दुर्गा(काशी),भीमा(पिंजौर) और भ्रामरी(भ्रमराम्बा शक्तिपीठ) नवदुर्गा कहते हैं। नवरात्रि एक महत्वपूर्ण प्रमुख त्योहार है जिसे पूरे भारत में महान उत्साह के साथ मनाया जाता है।
नवरात्रि के व्रत नियम
नवरात्रि के 9 दिनों में व्रत रखने वाले भक्तों को सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर तथा घर की सफाई करते हैं जिसके बाद पूजा की तैयारी की जाती है। जब घर की सफाई हो जाए तो पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव किया जाता है।

इसके बाद नवरात्रि का दिन मां दुर्गा के जिस स्वरूप को समर्पित है उनकी पूजा की जाती है। पूजा में शुद्ध जल और दूध से माता को स्नान करवाते है। दीपक जला कर, माता के मंत्रों का जाप किया जाता है, पूजा में कुमकुम, चंदन, अक्षत, फूल और अन्य सुगंधित चीजों का प्रयोग करें और मिठाई का भोग लगाकर आरती करते है। देवी मां की सच्चे मन से अराधना करने से व्यक्ति के सारे दुख दूर हो जाते हैं। आपको बता दे की नवरात्रि के पहले ही दिन से कई लोग अपने घर में अखंड दीपक जलाते हैं। और वह दीपक नौ दिनों तक बुझने नही दिया जाता।